Follow Us

  • Home
  • /
  • सामाजिक
  • /
  • कटनी से अभिलाषा तिवारी @विकास का दावा फेल:पौड़ी खिरवा मार्ग बना कीचड़ का तालाब बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल

कटनी से अभिलाषा तिवारी @विकास का दावा फेल:पौड़ी खिरवा मार्ग बना कीचड़ का तालाब बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल

ढीमरखेड़ा। सरकार के 'सड़क कनेक्टिविटी' के दावे ढीमरखेड़ा विकासखंड में खोखले साबित हो रहे हैं। पोड़ी से खिरवा को जोड़ने वाला डेढ़ किलोमीटर का मार्ग बदइंतजामी की तस्वीर पेश कर रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधीन यह सड़क वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। बरसात में कीचड़ के दलदल और गर्मी में धूल-गड्ढों से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है।
*कई गांवों की लाइफलाइन, फिर भी उपेक्षित*  
यह डेढ़ किलोमीटर का मार्ग केवल पोड़ी और खिरवा को ही नहीं जोड़ता, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे पढ़ने जाते हैं। किसान फसल मंडी ले जाते हैं। दिहाड़ी मजदूर रोजगार के लिए निकलते हैं। मरीज और गर्भवती महिलाएं इलाज के लिए अस्पताल पहुंचती हैं। इतनी महत्वपूर्ण सड़क होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। विभाग की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
*बरसात में हालात भयावह, हर कदम पर हादसे का डर*  
मानसूनी बारिश ने सड़क का बचा-खुचा अस्तित्व भी खत्म कर दिया है। कच्ची सड़क पर जगह-जगह दो से तीन फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। इनमें पानी और कीचड़ भरने से रास्ते का अंदाजा लगाना मुश्किल है। वाहन चालक समझ नहीं पाते कि गाड़ी सड़क पर है या कीचड़ के कुएं में। दोपहिया वाहन फिसलकर गिरना रोज की बात हो गई है। साइकिल सवार, पैदल राहगीर और स्कूली बच्चे फिसलकर घायल हो रहे हैं। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यहां चलना अग्निपरीक्षा जैसा है।
*नौनिहालों का भविष्य दांव पर*  
इस लापरवाही की सबसे बड़ी कीमत स्कूली बच्चे चुका रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। बारिश में गिरते-पड़ते, कीचड़ से सने कपड़ों और भीगे बस्तों के साथ स्कूल पहुंचते हैं। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देते हैं। शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरत तक पहुंचने में यह रुकावट शासन के दावों पर सवाल खड़े करती है।
*स्वास्थ्य सेवाएं ठप, एम्बुलेंस भी कतराती है*  
सड़क की खराब हालत से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गंभीर बीमारी या प्रसव पीड़ा में जननी एक्सप्रेस और 108 एम्बुलेंस कीचड़ देखकर गांव के बाहर ही रुक जाती है। मरीजों को खाट पर या जुगाड़ गाड़ी से मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार जान पर बन आती है।
*ग्रामीणों की चेतावनी: सड़क नहीं तो वोट नहीं*  
पीडब्ल्यूडी के रवैये से त्रस्त ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उनका कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को शिकायत दी गई। हर बार केवल आश्वासन मिला। धरातल पर काम नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव भेजा गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द सड़क नहीं बनी तो वे आंदोलन करेंगे और चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे।

मालवांचल

[ View All ]

अघोषित बिजली कटौती बंद करो, वरना गांव-गांव जलेंगे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और विधायकों के पुतले- तरुण बाहेती

जीरन में गूंजा छात्र न्याय का नारा : NEET घोटाले और राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर ब्लॉक कांग्रेस का बड़ा हल्लाबोल, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन 

23 जुलाई को आईटीआई नीमच में लगेगा युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला

बाल कल्याण समिति के कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र से दो दिन में बना अनाथ बालिका का आधार कार्ड

सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन के लिए दिए गए सख्त निर्देश

जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक संपन्न स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, हॉट स्पॉट क्षेत्रों में शिविर एवं सख्त निगरानी पर जोर

रेडक्रॉस ओर गोमाबाई नेत्रालय की पहल, निशुल्क नेत्र शिविर,व निशुल्क ऑपरेशन की सुविधा , 200 से अधिक मरीजो ने लिया लाभ 

हॉस्टल अधीक्षक 1 लाख रिश्वत लेते पकड़ाया:10 दिन बाद भी सस्पेंड नहीं, पैसों से जुड़े कागजातों को गायब करने की आशंका

विडियो

[ View All ]